Oral Health Care in Diabetes in Hindi By Happy Health India

Diabetes and Oral Health Care & How to Take Care of Oral Health in Diabetes

डायबिटीज में रखें ओरल हेल्थ का ध्यान – How to Take Care of Oral Health in Diabetes

डायबिटीज (Diabetes) का असर आपके मुंह की सेहत (Oral Health Care) पर भी पड़ता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के मुताबिक भारत में डायबिटीज (Diabetes) पीड़ितों की संख्या 65.1 मिलियन के आस-पास पहुंच गई है। इंटरनैशनल डायबिटीज फेडरेशन (International Diabetes Federation (IDF)) की वर्ष 2012 की रिपोर्ट के मुताबिक देश में 2030 तक 100 मिलियन लोग डायबिटीज की चपेट में होंगे। सबसे चिंता की बात यह है कि डायबिटीज (Diabetes) के मामले में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है। चाइना इस मामले में पहले स्थान पर है। आइए जानते है डायबिटीज में ओरल हेल्थ की देखभाल कैसे करें – Diabetes and Oral Health Care & How to Take Care of Oral Health Care in Diabetes.

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समझें डायबिटीज को – Understand Diabetes

डायबिटीज (Diabetes) मेलिटस एक क्रॉनिक बीमारी है जिसके चलते कई स्वास्थ्य समस्याएं मरीज को घेर लेती हैं जो अंततः उसकी अपंगता अथवा असमय मौत का भी कारण बन सकती हैं। इंसुलिन एक ऐसा हार्मोन है जो हमारी आंतों में बनता है। यह वह तत्व है जो खाने से मिलने वाले ग्लूकोज (Glucose) को उर्जा में बदलता है। डायबिटीज में आमतौर पर इसी हार्मोन पर नियंत्रण खत्म हो जाता है और रक्त में ग्लूकोज की मात्रा अनियमित हो जाती है।

डायबिटीज के मरीजों (Diabetes Patients) में या तो पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बनता है टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes and Oral Health Care) अथवा उनका शरीर प्रभावी रूप से इंसुलिन को एनर्जी में बदलने की क्षमता खो देता है टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes and Oral Health care)। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। लेकिन अब सही प्रबंधन हो तो इसे नियंत्रण में रखा जा सकता है।

डायबिटीज और ओरल हेल्थ (Diabetes and Oral Health Care)

मुख की सही ढंग से साफ-सफाई न होने से इसका स्वास्थ्य प्रभावित होता है और इसका असर व्यक्ति के दिल और किडनी जैसे अंगों तक पड़ता है इतना ही नहीं दुनिया भर में हुए रिसर्च यह बताते हैं कि यह डिमेंसिया जैसी समस्याओं को भी बढ़ा सकता है। 

डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को मुंह से संबंधित समस्याएं होने का खतरा अधिक रहता है क्योंकि उनके रक्त में ग्लूकोज की मात्रा अनियंत्रित रहती है। इसका कारण है रक्त में अनियंत्रि ग्लूकोज होने से रक्त के सफेद कणों (white blood cells) को नुकसान पहुंचता है और ये ही सफेद कण हमारे शरीर को बैक्टीरिया के संक्रमण से बचाते हैं। 

गंदा मुंह ऐसे संक्रमण के पैदा होने की अनुकूल जगह होती है ऐसे में अगर व्यक्ति को डायबिटीज भी है तो खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि उसके रक्त में सफेद कणों की मात्रा कम होती है।

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डायबिटीज से होने वाली मुंह की समस्याएं – Problems of the Mouth Caused by Diabetes

मसूड़ों की बीमारियां – Gum Diseases

मसूड़ों की बीमारियां और डायबिटीज का गहरा संबंध है। अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोगों को मसूड़ों में सूजन के चलते बार-बार डेंटिस्ट के पास जाना पड़ता है और बाद में पता लगता है कि उन्हें डायबिटीज है। आज की दुनिया में जहां हर 5 में से 2 लोगों को डायबिटीज (Diabetes) है। ऐसे में अपने मसूड़ों की अच्छी देखभाल करना आपके लिए बेहद जरूरी है। 

अगर आपको डायबिटीज (Diabetes) है और आपके मसूड़े पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं हैं तो आप ठीक से खा नहीं सकेंगे और इस हालत में आपके रक्त का ग्लूकोज स्तर और बिगड़ जाता है।

फंगल इन्फेक्शन – Fungal Infection

एक प्रकार का खमीर जिसका नाम कैडिला ऐलबिकंस है यह प्राकृतिक रूप से मुह में रहता है। इसकी मात्रा सामान्य से अधिक बढ़ जाने की हालत में मुंह में फंगल संक्रमण (Fungal Infection) हो जाता है जिसे ओरल थ्रस (Oral Thrush) कहते हैं। मुंह के लार में मौजूद ज्यादा शुगर कई बार मुंह के सूखेपन (Dryness of Mouth) का कारण बनता है और ऐसे में ओरल थ्रश (Oral Thrush) की समस्या और गंभीर हो जाती है। इस स्थिति में व्यक्ति (Person) को कुछ भी निगलने में समस्या होती है और गले में दर्द (Throat Pain) या मुंह में सफेद या लाल चकत्ते (White or Red Rash) के रूप में अल्सर भी हो सकते हैं।

घाव भरने में समस्या – The Problem in Wound Healing

चूंकि डायबिटीज (Diabetes) के चलते व्यकित के रक्त में सफेद कणों की कमी हो जाती है उेसे में उसके मुंह में होने वाला कोई भी घाव भरने में सामान्य से काफी अधिक समय लगता है। क्योंकि इन मरीजों में सामान्य ग्लूकोज स्तर वाले मरीजों की तुलना में हीलिंग की प्रक्रिया काफी धीमी होती है। डायबिटीज के मरीजों (Diabetes Patients) के लिए न सिर्फ संक्रमण बल्कि मुंह की एक साधारण सी सर्जरी या दांत निकलवाने जैसी प्रक्रिया भी काफी ज्यादा दर्द वाली हो सकती है।

दांतों का खराब होना – Deterioration ​of the Teeth

जब ग्लूकोज का स्तर (Glucose Level) अधिक होता है, तब मुंह के लार में शुगर और स्टार्च की मात्रा भी बढ़ जाती है। दांतों के खराब होने की प्रक्रिया तब बेहद तेज हो जाती है जब दांतों का बाहरी इनामेल यानी इसकी उपरी परत लगातार एसिड के संपर्क में रहती है। 

अगर हम ज्यादा शुगर या स्टार्च वाली चीजें खाते-पीते हैं अथवा ऐसी चीजें लेते हैं जिनसे मुंह में प्लाक जमा होता है जिसमें बैक्टीरिया पनपते हैं। अगर प्लॉक जमा होगा तो एसिड के मामूली अटैक से भी दांतों को बड़ा नुकसान होता है। ऐसे में दांतों के खराब होने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। यानी आपके रक्त में शुगर का स्तर जितना अधिक होगा आपके दांत उतनी जल्दी खराब होंगे।

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डायबिटीज के मरीज जरूर बरतें ये सावधानियां – Diabetes Patients Must Take These Precautions

ब्लड शुगर के फ़्लक्चुएशन को रोकें – Prevent Blood Sugar Fluctuation

रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रण में रखकर न सिर्फ आप अपनी सामान्य सेहत दुरूस्त रख सकते हैं बल्कि मुंह में होने वाले संक्रमण से भी बच सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों (Diabetes Patients) को अपनी दवाएं नियमित रूप से लेते रहना चाहिए और समस्या को नियंत्रण में रखने के सभी उपाय करने चाहिए।

डेंटिस्ट से कराएं रेग्युलर चेकअप – Get Regular Checkup by Dentist

चूंकि डायबिटीज के मरीजों (Diabetes Patients) को मुंह के संक्रमण और दांतों की समस्या का खतरा ज्यादा रहता है ऐसे में उन्हें नियमित रूप से डेंटिस्ट से जांच कराते रहना चाहिए। ताकि उनके डेंटिस्ट को उनकी डायबिटीज (Diabetes) की स्थिति के बारे में जानकारी रहे। इससे शुरूआती स्तर पर ही समस्या का पता चल जाएगा और नियंत्रित करना संभव होगा।

ऑर्थोडोंटिक अप्लायन्स की देखभाल – Orthodontic Appliance Care

डायबिटीज के मरीज (Diabetes Patients) अगर क्राउन ब्रेस या कोई अन्य ऑर्थोडोंटिक अप्लायंस (Orthodontic Appliances) लगाते हैं तो उन्हें इसकी ज्यादा देखभाल करने की जरूरत पड़ती है। क्योंकि इनके चलते अगर मरीज के मुंह में कोई घाव आदि हो जाता है तो वह आसानी से भरता नहीं है। अगर कभी भी क्राउन या ब्रेस में कोई समस्याए आए तो उन्हें तुरंत डेंटिस्ट को संपर्क करना चाहिए।

स्मोकिंग से बचें – Avoid Smoking

डायबिटीज (Diabetes) के उन मरीजों को मुंह की समस्या अथवा अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा कहीं अधिक रहता है जो धूम्रपान करते हैं। धूम्रपान से मसूड़ों में रक्त संचार प्रभावित होता है ऐसे में अगर मुंह में कोई घाव होता है तो उसे ठीक होने में काफी ज्यादा समय लगता है।

क्योंकि डायबिटीज (Diabetes) मुंह के स्वास्थ्य को खराब कर सकती है ऐसे में डायबिटीज पीड़ितों (Diabetes Victims) को इसे अच्छी स्थिति में रखने के लिए ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। इसके लिए कुछ खास उपाय करने की जरूरत नहीं होती बल्कि सिर्फ थोड़ा ज्यादा सावधानी बरतना जरूरी है।

अस्वीकरण: सभी जानकारी अच्छी है लेकिन आपको इसे अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही करना चाहिए। अन्यथा अपनी जिम्मेदारी के साथ उनका उपयोग करें।

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