Top 12 Tips for Personal Hygiene in Hindi By Happy Health India

पर्सनल हाइजीन के टॉप 12 टिप्स  – Top 12 Tips for Personal Hygiene

Top 12 Tips for Personal Hygiene: अगर रूटीन लाइफ मे साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए तो फ्लू, डायरिया, कॉलरा, जोंडिस टायफॉइड जैसी 80% बीमारियों से बचा जा सकता है। इसके लिए हम आपको बता रहे हैं सैनिटेशन (sanitation) के टॉप-12 रूल्स। जिन्हें अपनाकर आप खुद को हेल्दी रख सकते हैं।

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Top 12 Tips for Personal Hygiene in Hindi

पर्सनल हाइजीन क्या है – What Is Personal Hygiene

पर्सनल हाइजीन यह है कि आप अपने शरीर के अंगो की देखभाल कैसे करते हैं। जैसे की इस अभ्यास में आँख, कान और नाक की सफाई करना, स्नान करना, हाथों की स्वच्छता, अपने दांत स्वच्छता, नाखून की स्वच्छता और बहुत कुछ शामिल है।

पर्सनल हाइजीन के प्रकार – Types of Personal Hygiene

वैसे तो व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में सब व्यक्ति का विचार अलग-अलग होता है। अच्छी स्वच्छता की आदतों के निर्माण के लिए ये मुख्य श्रेणियां एक उपयोगी स्थान हैं, जैसे की निचे मुख्य श्रेणियां बताई गई है। Personal hygiene meaning in Hindi व्यक्तिगत स्वच्छता होता है।

  • हाथों की स्वच्छता
  • आँख, कान और नाक की स्वच्छता
  • दांत की स्वच्छता
  • स्नान करना
  • नाखून की स्वच्छता
  • पैरों की स्वच्छता
  • शरीर की स्वच्छता आदि

1. खाने से पहले जरूर धोएँ हाथ

न सिर्फ खाने के बाद बल्कि खाने से पहले भी हाथों को अच्छी तरह से धोएँ।

2. जानें हाथ धोने की तकनीक

हाथ धोने की एक खास तकनीक होती है और इसका तरीका किसी भी हैंड वॉशिंग टेक्नीक (hand washing techniche) वेबसाइट से सीखा जा सकता है। इसमे कम से कम 6 स्टेप्स शामिल होते हैं जिसमे हाथों का सामने वाला हिस्सा, पिछला हिस्सा, अंगूठे, कलाई, उँगलियों के बीच का हिस्सा और हाथों की सिकुड़न साफ करना होता है। अच्छी तरह हाथ धोने मे 15-20 मिनट का समय लगता है।

3. क्यों जरूरी है टॉइलेट के बाद हाथों को धोना

इसके जरिये भी ऐसे बैक्टीरिया या वायरस आ सकते हैं जिन्हें नंगी आँखों से देखना संभव नहीं होता। अगर हाथों को अच्छी तरह धोया नहीं गया तो ये जीवाणु नाखूनों के नीचे फंस सकते हैं या हाथों की झुर्रियों मे छिप सकते हैं और खुद को या किसी अन्य तक इन्फेक्शन फैलाने कि वजह बन सकते हैं।

4. स्लीप हाइजीन भी है जरूरी (Personal Hygiene)

इसमे सोने की सही आदत के बारे मे बताया जाता है ताकि आपको सामान्य रूप से रात मे अच्छी नींद आए और दिन मे आप पूरी तरह से अलर्ट रहें। एक एडल्ट व्यक्ति को औसतन रोजाना 6 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। तब सोने जाएँ जब आप सच मे थके हुए हों। रोज एक समय पर बिस्तर पर जाएँ और सुबह के समय एक ही समय पर रोज सो कर उठें।

यह कोशिश करें कि आपके सुबह उठने का टाइम एक हो, भले ही सोने का टाइम अलग-अलग हो। सोने से पहले ज्यादा खाना खाने से बचें। यह पक्का करें कि आपका बेडरूम शांत, अंधेरा, और आरामदायक माहौल वाला हो। टीवी, कम्प्यूटर या रेडियो जैसी चीजें बेडरूम से हटा दें।

5. सेक्सुअल हाइजीन

हमेशा साफ अंडरगारमेंट पहनें। सेक्सुअल ऑर्गन्स को रोजाना नहाते समय गुनगुने पानी से साफ करें। साफ-सफाई बरतने से इन्फेक्शन होने का खतरा नहीं रहता है।

6. खाँसते समय रखें ध्यान

खाँसते समय यह ध्यान रखना चाहिए की किसी के भी सामने 3 से 6 फुट के रेडियस मे नहीं खाँसना चाहिए। कीटाणुओं को फैलने से रोकने के लिए अपनी शर्ट की बाजू के किनारे पर मुंह ले जाकर छींकना या खाँसना चाहिए न की रुमाल मे। खाँसने या छींकने के बाद हमेशा हाथ धोएँ।

7. पानी का गिलास भी फैला सकता है बीमारी (Personal Hygiene)

अगर गिलास ढंग से साफ नहीं किया गया होगा तो खाली गंदी गिलास की वजह से मिनरल वॉटर भी इन्फेक्शन फैला सकता है।

8. कितना सुरक्षित है बर्फ का इस्तेमाल

अगर बर्फ साफ पानी लेकर साफ बर्तन मे जमाया गया हो तो यह सुरक्षित है। मगर सड़कों के किनारे बिक रहा बर्फ हैंड पंप के पानी से बना होता है और इन्सानों के इस्तेमाल के लिए अच्छा नहीं होता।

9. विकल्प न होने पर गटर का पानी भी बन सकता है सुरक्षित

गटर के पानी को भी अच्छी तरह उबालकर अथवा इसमे क्लोरीन की गोली मिलाकर इस्तेमाल के लिए सुरक्षित बनाया जा सकता है।

10. कीटनाशक टैबलेट (deworming tablets) कितना जरूरी

साल मे 2-3 बार कीटनाशक टैबलेट (deworming tablets) लेना अच्छा आइडिया है।

11. दांतों की सफाई (Personal Hygiene)

दांतों की सफाई के लिए मुलायम ब्रश का इस्तेमाल करें। अपने मसूड़ों से तकरीबन 45° के ऐंगल पर ब्रश को रखें और अंदर से बाहर की तरफ और दांतों के चबाने वाले सरफेस पर ब्रश करें। जीभ को भी ब्रश से धीरे-धीरे साफ करें। दिन मे कम से कम दो बार ब्रश करें। जब भी कुछ खाएं-पीएं मुह साफ करें। नीम और बबूल का दातुन किसी भी रेग्युलर टूथपेस्ट का विकल्प हो सकता है।

12. रोज करें पैरों की सफाई (Personal Hygiene)

हाथों की तरह पैर भी इन्फेक्शन फैलाने की वजह बन सकते हैं। इसलिए इन्हें रोज अच्छी तरह साफ करें। नंगे पैर टहलते हैं तो हर बार टहल कर आने के बाद पैरों को अच्छी तरह धोकर साफ करना याद रखें ताकि पैरों मे चिपककर आई गंदगी और कीटाणु साफ हो जाएँ।

दोस्तों आज हमने आपको Personal Hygiene in Hindi, पर्सनल हाइजीन क्या है और पर्सनल हाइजीन के प्रकार के बारे में हिंदी में जानकारी दी। हेल्थ के सबंधित अधिक जानकारी के लिए Happy Health India से जुड़े रहे।आपको हमारी यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं। आपकी एक टिप्पणी हमारे लिए बहुत मूल्यवान है।

Disclaimer: All information is good but you should do it only after consulting your doctor. Otherwise use them with your own responsibility.

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